My Vision for India in 2047: 2047 में भारत के लिए मेरा विजन

क्या आप भी my vision of india in 2047 essay की तलाश कर रहे हैं? यदि हां, तो आप इंटरनेट की दुनिया की सबसे बेस्ट वेबसाइट essayduniya.com पर टपके हो. यदि आप भी my vision for india in 2047, my vision for india in 2047 short paragraph, my vision for india 2047, my vision of india in 2047, my vision of india in 2047 essay, essay on my vision for india in 2047, my vision for india in 2047 essay in hindi, my vision for india in 2047 in hindi, my vision for india in 2047 short essay, essay on my vision for india in 2047 in hindi यही सब सर्च कर रहे हैं तो आपका इंतजार यही पूरा होता है.

My Vision for India in 2047

यहां हम आपको एक शानदार My Vision for India in 2047 उपलब्ध करा रहे हैं. इस निबंध को आप कक्षा 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के लिए या अपने किसी प्रोजेक्ट के लिए उपयोग कर सकते हैं. यदि आप को किसी स्पीच के लिए टॉपिक my vision for india in 2047 short paragraph मिला है तो आप इस लेख को स्पीच के लिए भी उपयोग कर सकते हैं. इसके साथ ही यदि आपको किसी निबंध प्रतियोगिता के लिए भी my vision of india in 2047 essay लिखना है तो आपको यह आर्टिकल पूरा बिल्कुल ध्यान से पढ़ना चाहिए.

my vision for india in 2047 (300 words)

भारत एक विकासशील देश की श्रेणी में आता है जिसने आज़ादी के 100 सालों के भीतर ही काफी तरक्की कर रही ली है। यह निरंतर प्रगति पथ की और बढ़ रहा है और कई क्षेत्रों में अपनी सफलता का परचम भी लहरा रहा है। हालांकि अब भी भारत विकासशील देशों की गिनती में आता है और आज भी अपनी प्रगति के लिए निरंतर प्रयत्न कर रहा है। लेकिन मेरी कल्पना में सन 2047 के आते – आते भारत विकसित देशों की श्रेणी में गिना जाएगा। 

Whatsapp Group Join
Telegram channel Join

भारत ने वर्तमान में ही वो कर दिखाया है जो कई विकसित देश भी करने में असमर्थ थे। फिर वो चंद्रयान हो या मिशन मंगल भारत ने हर कहीं अपनी विजय की पताका लहराई है। एक और जहां भारत अपनी प्रगति के लिए कार्य कर रहा है वहीं दूसरी ओर इसने कई क्षेत्रों में विकसित देशों को भी पीछे छोड़ दिया है। कोरोना महामारी के समय भारत एक ऐसा देश बना जिसने एक समय तक कोरोना से बचाव के लिए कई देशों को दवाइयां निर्यात कि है जो की भारत की सक्षमता को दर्शाता है। 

मेरी कल्पना में सन 2047 का भारत ऐसा भारत होगा जहां साक्षरता दर 100 प्रतिशत होगी और कुपोषण, भूखमरी की जड़े उखड़ जायेगी जिससे देश में संपन्नता और खुशहाली आएगी। सभी को रोजगार के समान अवसर दिए जायेंगे। भारत के कई पिछड़े क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में आज भी चिकित्सा और अव्यवस्था के चलते सही प्रकार का इलाज़ नहीं मिल पाता जो की किसी भी देश की अव्यवस्था को दर्शाता है। लेकिन मेरी कल्पनानुसार सन 2047 का भारत वह भारत होगा जहां कोई इलाका पिछड़ा नहीं होगा सभी को समान रूप की शिक्षा और चिकित्सा मिलेगी। आवास के लिए निवास स्थान मिलेंगे और गरीबी रेखा की यह रेखा मिट जायेगी। 

दुनियां के कई देशों के साथ भारत में भी लैंगिक समानता जैसा मुद्दा सदियों से चला आ रहा है जिसके लिए आज़ादी के बाद से कई कदम उठाए गए और विभिन्न प्रयोजन भी किए गए जिसके चलते हर क्षेत्र में आज पुरुषों के साथ साथ महिलाओं को भी समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं, लेकिन कहीं न कहीं यह आज भी हम सभी के बीच है। 2047 के भारत में लोगों में इतनी जागरूकता आ जायेगी की यहां लैंगिक भिन्नता, जातिवाद का अंधेरा लोगों को अंधा न बना पाएगा, और लोग एक दूसरे के साथ परस्पर मिल कर राष्ट्र निर्माण में अपना सहयोग प्रदान करेंगे। भारत फिर विश्वगुरु कहलाएगा और विश्व में अपनी पताका फेहराएगा। 

My Vision for India in 2047
My Vision for India in 2047

my vision for india in 2047 short paragraph (400 words)

विश्वगुरु कहलाने वाले भारत का इतिहास आज़ादी के बाद बेहद संघर्ष पूर्ण रहा है। प्राचीन समय में सोने की चिड़िया कहलाने वाला भारत 200 सालों तक गुलामी के पिंजरे में रहा। जिसके बाद स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों और अथक प्रयासों के बाद सन 1947 में भारत को आज़ादी मिली। आज 2022 में भारत को आज़ाद हुए कई साल हो गए हैं और कुछ सालों में यह अपनी एक सदी पूरी कर लेगा। भारत ने जिस तरह से इतने कम समय में उठ खड़ा हुआ है वह प्रशंसनीय है। लेकिन भारत आज भी विकसित देशों की गिनती में नहीं आता। 

आज भी इसे विकासशील देशों में गिना जाता है, क्योंकि यह अब भी कई क्षेत्रों में पिछड़ा है। इसके कई कारण है जिसमें गरीबी, शिक्षा, चिकित्सा आदि शामिल है लेकिन ऐसा नहीं है की वर्तमान में इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। वर्ष 2047 के आने तक मैं एक ऐसे भारत की कल्पना करती हूं जो भ्रष्टाचार मुक्त देश होगा और जिसकी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। साक्षरता दर में वृद्धि होगी और महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता और बेरोजगारी जैसी समस्याओं का खात्मा होगा। जिसके लिए हमें हर संभव प्रयास करना होगा, कई पिछड़े क्षेत्रों में हमें निरंतर प्रयास करना होगा जिससे सन 2047 के तक इन कल्पनआओं को सिद्ध किया जा सके। 

जातिवाद, धर्म, रंग और लिंग के आधार पर लोगों को प्रथक नहीं किया जाएगा, सबके साथ समान व्यवहार किया जाएगा और सभी को समान रूप से अवसर प्रदान किए जायेंगे। वर्तमान में युवाओं को चाहिए की वे अपनी शिक्षा और हुनर का उपयोग कर भारत की तरक्की में लगाएं और इसे प्रगति के रास्ते की और अग्रसर करें। मेरे दृष्टिकोण में हमारी आज की कोशिश, आज का प्रयास ही हमारी कल्पनाओं को सार्थक रूप देग, और भारत विश्व के सामने फिर अपनी गाथा गड़ेगा और समृद्ध देश के रूप में उभर के आएगा।

essay on my vision for india in 2047 (500 words)

प्रस्तावना

मैं कल्पना करती हूं की सन 2047 में भारत एक सफल देश बनेगा। आज से 25 वर्ष बाद के भारत को मैं एक ऐसे देश के रूप में देखती हूं जहां भारत हर तरह से सक्षम देश बनेगा। भारत की अर्थव्यवस्था सभी देशों से अच्छी होगी, भारत के लोग शिक्षित होंगे, देश की महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त होगा, जाति धर्म वेशभूषा पर होने वाला भेदभाव खत्म होगा मैं 2047 में ऐसे ही भारत को देखना चाहती हूं। वर्तमान में भारत का ही सफल है परंतु कुछ क्षेत्रों में भारत को अधिक वृद्धि करने की आवश्यकता है।

शिक्षा के क्षेत्र में भारत

किसी भी सफल देश की पहचान उसकी शिक्षा के द्वारा होती है जिस देश में जितनी अच्छी शिक्षा दी जाती है वहां के लोग उतने ही काबिल होते हैं। मैं चाहती हूं कि 2047 में भारत के हर व्यक्ति को अच्छी से अच्छी शिक्षा शिक्षा दी जाए। शिक्षित होने के बाद देश की युवा बड़े बड़े साइंटिस्ट डॉक्टर इंजीनियर बनकर देश को उन्नति की राह पर ले जाएंगे। 2047 के भारत में शिक्षा सभी के लिए अनिवार्य होना चाहिए। शिक्षा ही एकमात्र ऐसा साधन है जो देश को जल्द से जल्द तरक्की करने में सहायता करेगा।

रोजगार के क्षेत्र में भारत

वर्तमान के भारत में लोग काफी शिक्षित हैं परंतु भ्रष्टाचार या किन्ही अन्य कारणों की वजह से उन्हें अच्छी नौकरियां नहीं मिल पा रही आज के समय में योग्यता होने के बाद भी नौकरी पाना बहुत मुश्किल है देश में बेरोजगारी फैलने का मुख्य कारण आरक्षण व भ्रष्टाचार है लेकिन मैं चाहती हूं कि 2047 के भारत में ऐसा ना हो शिक्षित और योग्य व्यक्ति को उसकी योग्यता अनुसार रोजगार प्राप्त हो और आरक्षित उम्मीदवारों की जगह योग उम्मीदवार को पहले रोजगार दिया जाए। जितने देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे उतना ही देश सक्षम होगा।

भारत में भ्रष्टाचार 

वर्तमान में भारत ने काफी तरक्की कर ली है परंतु हम आज भी बाकी देशों से काफी पीछे हैं इसका एक मुख्य कारण भ्रष्टाचार भी है समय के साथ हमने राजनीति में कई सारे नेताओं को बड़े-बड़े घोटाले करते देखा है जिसकी वजह से देश को तरक्की करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा है लेकिन मैं चाहती हूं कि 2047 के भारत में राजनीति में वही नेता चुने जाएं जो देश और देशवासियों की सेवा के लिए सर्वोपरि हो। देश में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए अच्छे राजनेताओं को चुनाव हो और राजनेताओं द्वारा देश को आगे बढ़ने में योगदान किया जाए।

महिला सशक्तिकरण : 

वर्तमान में सभी देशों में महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार देकर उन्हें देश को विकसित करने के लिए    क्षेत्रों में कार्य करने की अनुमति दी गई है लेकिन आज भी भारत में महिलाओं को सिर्फ घरेलू कामों के लिए जाना जाता है लेकिन मैं चाहूंगी कि 2047 के भारत में ऐसा ना हो महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार शिक्षा सम्मान प्रदान किया जाए जिससे कि महिलाएं पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर देश को एक मजबूत राष्ट्र बनाने में अपना योगदान दें। 

उपसंहार

देश की पहचान उसकी आजादी से होती है इसलिए मैं चाहती हूं कि 2047 में भारत के सभी लोगों को अपने मूल स्वरूप से जीवन जीने की आजादी हो लोगों को शिक्षा प्रदान करने की पूरी आजादी हो महिलाओं को घर से बाहर निकल कर काम करने की पूरी आजादी हो। भारत राजनीतिक भ्रष्टाचार बेरोजगार जातिवाद भेदभाव से पूर्ण रूप से आजाद हो जिससे कि 2047 का भारत सफलता और समृद्धि में सभी देशों से सर्वश्रेष्ठ हो। मैं 2047 के भारत को गरीबी भ्रष्टाचार बेरोजगारी जातिवाद और अन्य बुराइयों से मुक्त देखना चाहती हूं।

my vision of india in 2047 essay (1000 words)

प्रस्तावना

2047 का भारत, सक्षम भारत, शसक्त भारत, अखंड भारत ऐसा भारत जो विश्व में अपना नाम बनाएगा। मेरी कल्पना में आज से 25 वर्षों के भीतर भारत अपने आज़ादी के 100 वर्ष पूरे कर लेगा साथ ही अपनी अखंडता को सिद्ध करेगा। 

2047 तक भारत निम्न क्षेत्रों में विकसित होगा 

बेरोजगारी से मुक्त भारत 

वर्तमान के भारत में शिक्षित होने के बाद भी युवाओं के पास उनकी योग्यता अनुसार रोजगार नहीं है इसका एक मुख्य कारण आरक्षण और भ्रष्टाचार हो सकता है। आरक्षित उम्मीदवार को बिना किसी योग्यता के बड़ी आसानी से रोजगार प्राप्त हो जाता है वही एक और योग्यता होने के बाद भी कई उम्मीदवारों को अच्छा रोजगार प्राप्त नहीं होता लेकिन 2047 के भारत में हर युवा को उसकी शिक्षा और योग्यता अनुसार रोजगार दिया जाएगा। रोजगार में चली आई सदियों पुरानी प्रथा आरक्षण को खत्म कर योग्यता को महत्त्व दिया जाएगा।

शिक्षा के क्षेत्र में भारत

भारत से बेरोजगारी हटाने के लिए युवाओं को शिक्षित करना बहुत जरूरी है शिक्षित होने के बाद युवा देश की तरक्की के लिए नए-नए रास्ते बनाएंगे। देश का युवा शिक्षित होकर देश की तरक्की में अपना योगदान देगा। मैं चाहती हूं कि 2047 के भारत में सबसे बड़े इंजीनियर डॉक्टर साइंटिस्ट मैथमेटिशियन खगोल शास्त्री भारत के ही हो। शिक्षा प्राप्त करने के बाद देश के युवा विदेश ना अपने ही देश की उन्नति के लिए कार्य करें।

भारत में महिला सशक्तिकरण 

भारत में महिला को देवी का दर्जा दिया गया है परंतु आज यह देवी सिर्फ घरों में कैद है महिलाओं को घरेलू कामों के अलावा किसी काम के लिए योग्य नहीं समझा जाता है मैं चाहती हूं कि 2047 के भारत में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जाए महिलाओं को शिक्षित करने के साथ रोजगार के अवसर भी प्रदान किया जाए। महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार देकर उन्हें राष्ट्र की तरक्की के लिए अपना योगदान देने की आजादी दी जाए।

स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में भारत 

वर्तमान में भारत कोरोना जैसी कई भैया माय बीमारियों से जूझ रहा है इसके साथ-साथ भारत में काफी गंदी की भी फैली हुई है जिसके कारण भी लोगों कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है मैं चाहती हूं कि 2047 भारत इन सभी बीमारियों से मुक्त हो और बाकी देशों की तरह भारत भी एक स्वच्छ देश बने ।वर्तमान में स्वच्छता कई देशों की पहचान बन चुकी है एक देश सफल तभी माना जाता है जब वह पूरी तरह स्वच्छ हो इसलिए में अपने भारत को एक स्वच्छ देश के रूप में देखना चाहती हु।

जनसंख्या में भारत :  

वर्तमान में भारत की जनसंख्या काफी बड़ चुकी है इसके कारण देश में बेरोजगारी,भुखमरी,कुपोषण, जैसी कई समस्याओं का सामना कर रहा है।आबादी के कारण देश मे बेरोजगारी अपनी चरम सीमा पे है यह एक नोकरी के लिए 10 उम्मीदवार है।में चाहती हू की 2047 के भारत में जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाई जाएगी जिससे कि देश में बेरोजगारी भुखमरी कुपोषण जैसी विभिन्न समस्याएं खत्म हो जाएंगी। देश की आबादी कम होने के कारण लोगों को रोजगार प्राप्त होंगे सभी को शासन द्वारा लागू की गई योजनाओं का फायदा मिल सकेगा।

भ्रष्टाचार मुक्त भारत :

इसमें कोई संदेह की भारत एक विकाशिलशील देश है वहीं भारत की विकास ककी राह की सबसे बड़ी अड़चन भ्रष्टाचार है भारत की राजनीति में ऐसे कई राजनेता पाए जाते हैं जिन्होंने समय-समय पर भारत में कई बड़े-बड़े घोटाले किए हैं जिसकी वजह से भारत की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा है परंतु मैं चाहती हूं कि 2047 के भारत में भ्रष्टाचार का कोई नामोनिशान ना हो भारत एक भ्रष्टाचार मुक्त राष्ट्र बने और ऐसे राजनेता राजनीति की डोर अपने हाथ में ले जो देश सेवा को सर्वोपरि मानते हो।

औद्योगिक क्षेत्र में भारत

वर्तमान में भारत काफी तरक्की कर चुका है परंतु भारत औद्योगिक क्षेत्र आज भी पीछे है जिसकी वजह से भारत में काफी बेरोजगारी फैल रही है। मेरी कल्पना में औद्योगिकरण के क्षेत्र में विकसित होता हुआ भारत युवाओं के रोजगार के लिए की अवसर खोलेगा। जिससे युवाओं को रोजगार मेलेगा साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था में इज़ाफा होगा। 

उपसंहार

2047 तक भारत को एक समृद्ध देश बनाने में हर एक नागरिक को अपना सम्पूर्ण योगदान देना होगा। एक शिक्षित समाज एक शिक्षित और शसक्त देश का निर्माण करता है जिसके पथ पर भारत चल रहा है और आशा है की 25 वर्षों में ये यात्रा भारत देश कहीं हद तक पूर्ण कर लेगा। मेरी दृष्टिकोण में जिस भारत का स्वप्न आप और हम लोग देखकर रहे हैं वह निश्चय ही एक दिन सफल होगा।

essay on my vision for india in 2047 in hindi

हमारे सभी प्रिय विद्यार्थियों को इस my vision of india in 2047 per nibandh से जरूर मदद हुई होगी यदि आपको यह my vision of india in 2047 essay अच्छा लगा है तो कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको यह essay on my vision for india in 2047 कैसा लगा? हमें आपके कमेंट का इंतजार रहेगा और आपको अगला Essay कौन से टॉपिक पर चाहिए इस बारे में भी आप कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं ताकि हम आपके अनुसार ही अगले टॉपिक पर आपके लिए निबंध ला सकें.

1 thought on “My Vision for India in 2047: 2047 में भारत के लिए मेरा विजन”

  1. Whatsapp Group Join
    Telegram channel Join
  2. आरक्षण योग्यता पर आधारित व्यवस्था है . तमिल नाडु जैसे राज्यों में आरक्षण पर जोर दिया और नतीजा सबके सामने है . योग्यता या अयोग्यता एक घोर पोंगा पंथवादी विचार है . विज्ञान का कहना है कि सभी मनुष्यों में समान बौद्धिक क्षमता होती है , जिसको अवसर मिलता है , केवल उसी कि क्षमता का विकास होता है

    Reply

Leave a Comment